लखनऊ, 19 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी की चुनावी तैयारियों और संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर बात की है. उन्होंने कहा कि पार्टी का जनाधार सर्वसमाज में बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर काम चल रहा है और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है.
मायावती ने बुधवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि पार्टी के विधानसभा स्तर के कार्यकर्ता सम्मेलनों में उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है. उनके मुताबिक, इस गतिविधि को लेकर विरोधी दलों में बेचैनी देखी जा रही है.
ब्राह्मण समाज को लेकर भी मायावती का जोर
मायावती ने कहा कि BSP सर्वसमाज को साथ लेकर चलने की नीति पर काम कर रही है.उन्होंने खास तौर पर ब्राह्मण समाज का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी 2007 की तरह पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की तैयारी कर रही है.
उनके अनुसार, ब्राह्मण समाज के लोगों को BSP का उम्मीदवार बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही विरोधी दलों में इसे लेकर चर्चा और चिंता दिखाई दे रही है. मायावती ने बहुजन समाज के लोगों से ऐसे राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर सतर्क रहने की अपील भी की.
सतीश चंद्र मिश्रा को चुनाव आयोग से जुड़ी जिम्मेदारी
मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र मिश्रा को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े सतीश चंद्र मिश्रा को लीगल और मीडिया से जुड़े कामों के अलावा अब चुनाव आयोग से संबंधित कार्यों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है.
मायावती के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान यह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होगी. सतीश चंद्र मिश्रा BSP सरकार में कैबिनेट मंत्री और राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं. वे उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता तथा उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
उम्मीदवारों के चयन पर चल रही प्रक्रिया
मायावती ने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए BSP उम्मीदवारों के चयन पर काम कर रही है. पार्टी के विधानसभा स्तर के कार्यकर्ता सम्मेलनों में उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की प्रक्रिया भी चल रही है.
उनका कहना है कि पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना नहीं बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हुए सर्वसमाज में अपना आधार बढ़ाना है.
विरोधी दलों में बदलाव को बताया स्वाभाविक
मायावती ने अपने बयान में कहा कि BSP की चुनावी तैयारियों के बीच विरोधी दलों में बदलाव होना स्वाभाविक है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी की गतिविधियों और उम्मीदवारों के चयन को लेकर अन्य राजनीतिक दलों में चिंता दिखाई दे रही है.
उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से विरोधी दलों के राजनीतिक हथकंडों से सावधान रहने की अपील की.
2027 के लिए BSP की रणनीति का संकेत
मायावती के इस बयान से BSP की आगामी चुनावी रणनीति के कुछ संकेत साफ दिखाई देते हैं. पार्टी एक तरफ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ सर्वसमाज में अपना आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है.
खास तौर पर ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ने और 2007 के पूर्ण बहुमत वाले चुनावी प्रदर्शन को फिर से हासिल करने की बात मायावती के बयान का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
वहीं सतीश चंद्र मिश्रा को चुनाव आयोग से जुड़े काम की जिम्मेदारी दिया जाना भी चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है. इससे संकेत मिलता है कि BSP ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को संगठनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है.
निष्कर्ष: मायावती का ताजा बयान मुख्य रूप से तीन बातों पर केंद्रित है—2027 चुनाव की तैयारी, सर्वसमाज में BSP का आधार बढ़ाना और संगठन को चुनावी स्तर पर मजबूत करना. ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ने और सतीश चंद्र मिश्रा को चुनाव आयोग से जुड़े काम की जिम्मेदारी देने का उल्लेख इस रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने आया है.

