नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (BSP) से बाहर किए जाने के बाद आकाश आनंद ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को मायावती बहनजी के नाम एक खुला पत्र या कहें सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा है. इस पत्र में उन्होंने अपने पुराने घटनाक्रम को लेकर मायावती बहनजी से माफी मांगी और कहा कि उनकी चुप्पी को गलत समझा गया. आकाश ने यह भी साफ किया कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं और न ही भविष्य में किसी अन्य दल में जाने का इरादा है.
‘मायावती मेरी राजनीतिक गुरु और बुआ मां हैं’
आकाश आनंद ने पत्र की शुरुआत मायावती बहनजी को संबोधित करते हुए की. उन्होंने उन्हें अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और बुआ मां बताया. आकाश ने लिखा कि राजनीति में उन्होंने जो कुछ सीखा और किया, वह मायावती बहनजी के मार्गदर्शन में ही किया है.
उन्होंने कहा कि वह अपनी बात सीधे मायावती बहनजी और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहते हैं.
‘किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा’
आकाश आनंद ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्पष्ट सफाई दी. उन्होंने कहा कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं—न आज और न कभी.
उन्होंने BSP को सिर्फ राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि अपना परिवार बताते हुए कहा कि वह पार्टी से अलग किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने की बात को खारिज करते हैं.
“पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की ख़बरें और अफ़वाहें चल रही हैं. मैं साफ़ कर देना चाहता हूँ: मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा. न आज, न कभी. BSP मेरे लिए सिर्फ़ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है.”
अशोक सिद्धार्थ पर मायावती के फैसले का समर्थन
पत्र में आकाश आनंद ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाले जाने और उनके राजनीतिक संन्यास से जुड़े बहनजी के फैसले को पूरी तरह उचित बताया.
उन्होंने कहा कि वह इस फैसले के साथ खड़े हैं. आकाश के मुताबिक, रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन मिशन उनसे बड़ा है. उन्होंने व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन के हित को रखने की बात कही.
वे कहते हैं,
“श्री अशोक सिद्धार्थ जी को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास का आपका फ़ैसला पूरी तरह उचित है, और मैं उस फ़ैसले के साथ खड़ा हूँ. रिश्ते अपनी जगह हैं, पर मिशन उनसे बड़ा है. व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी ज़िम्मेदारी है.”
‘मेरी चुप्पी को गलत समझा गया’
आकाश आनंद ने अपने पुराने सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने खुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए बहनजी की पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाए.
उनके मुताबिक उनकी इस चुप्पी को गलत समझा गया और इससे अफवाहों को जगह मिली. आकाश ने कहा कि अगर उनकी चुप्पी से मायावती बहनजी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं.
वे कहते हैं,
“उस समय (अशोक सिद्धार्थ और आकाश को पार्टी से निकालने के बाद का कुछ समय) मैंने ख़ुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया. मेरी उस चुप्पी को ग़लत समझा गया, और अफ़वाहों को जगह मिली. अगर इससे आपको ठेस पहुँची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूँ.”
‘फिर पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूं’
आकाश आनंद ने पत्र में मायावती बहनजी के नेतृत्व में दोबारा BSP और मिशन के लिए काम करने का अवसर मांगा. उन्होंने कहा कि विश्वास केवल शब्दों से नहीं बल्कि काम से बनता है और वह अपने आचरण तथा मेहनत से इसे साबित करेंगे.
पत्र के अंत में आकाश आनंद ने लिखा कि बाबासाहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता और मायावती का नेतृत्व—यही उनकी राजनीति है. उन्होंने पत्र का समापन ‘जय भीम’ और ‘जय बसपा’ के साथ किया.
क्या फिर BSP में वापसी होगी?
आकाश आनंद के पत्र से उनका रुख BSP और मायावती के प्रति स्पष्ट हुआ है. कुछ मीडिया रिपोर्टों में इस पत्र के बाद उनकी संभावित वापसी की चर्चा की गई है, लेकिन BSP की ओर से उनकी वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है. इसलिए फिलहाल इसे आकाश आनंद की ओर से पार्टी में दोबारा काम करने की इच्छा के तौर पर देखा जा सकता है, न कि वापसी की पुष्टि के तौर पर.

