अनकही: संजय बौद्ध जी से जानिए हरियाणा में बहनजी ने कैसे पैदल चलकर बढ़ाया बसपा कारवां

बसपा बनने की प्रक्रिया को देखे तो आप पाएंगे कि बहन जी के पास शुरुआती संघर्ष में कोई फार्च्यूनर गाड़ी नही थी. वो पैदल चली है, फिर साईकल पर चली है फिर मान्यवर साहब ने उनको एक पुरानी जीप खरीद के दी, जो लगभग खराब ही रहती थी.

हरियाणा में मुझे पुराने संघर्षशील लोग मिलते है बताते है की पड़ोस गांव या शहर में बहन जी आई थी, हमे पता लगा तो उनके रहने खाने की व्यवस्था हमने अपने गांव में की और हम बहन जी को साईकल पर बैठा के गांव लाये. लोग बताते है कि बहन जी जब हरियाणा की प्रभारी थी तो अकेली ही बिना साधन संसाधन के हरियाणा में घूम घूमकर संगठन निर्माण का कार्य करती थी. कोई स्थाई कार्यालय नही था, ना रहने का ठिकाना ना खाने पीने का। फिर भी बहन ने अथक मेहनत से संगठन निर्माण के कार्य को लगातार आगे बढ़ाया.

सोशल मीडिया नही था जो बहन जी को एक आदर्श या हीरो के रूप में प्रस्तुत करता। जिससे लोग उनकी सहायता करते. बहन जी पूर्ण रूप से समाज के लिए काम करती थी ना कि लाइक ओर कॉमेंट के लिए फोटो खिंचवाती थी. सोशल मीडिया पर युवाओ की कोई फौज नही थी जो जबरदस्ती बहन जी को नेता घोषित करते और उनके लिए भीड़ जुटाते.

कोई खुली छत की गाड़ी पर बैठकर हाथ हिलाकर सोशल मीडिया में फोटो डालकर बहन जी नेता नही बनी है, बहन जी अपने संघर्ष के दम पर नेता बनी है. आजकल की मीडिया द्वारा रोपित खरपतवार का अगर कोई बहन जी से मुकाबला करने की कोशिश करता है तो मुझे वो मूर्ख लगता है. मुछो पे जैल लगाकर मरोड़ी देने से ओर नीला दुपट्टा डालने से लोग आजकल नेता बन रहे है, बीच आंदोलन में लाठीचार्ज के बीच गलूकोज लगाए पड़े नेता है. ये नेता संघर्ष की भट्टी में नही बल्कि सोशल मीडिया में तपकर बने नेता है.

बहन जी उस समय रासुका के तहत जेल गई थी. समय व हालात को देखे तो बहन जी बराबर का नेता वर्तमान समय मे कोई नही है. इन संघर्षो को देखकर ही मान्यवर कांशीराम साहब ने अपनी परम शिष्या बहन जी को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया. चंद चंदा चोर लोग कहते है की बहन जी बाहर नही निकलती, उनको अध्यन्न करना चाहिए कि जब तुम दुनिया मे नही आये थे तब बहन जी मान्यवर के नेतृत्व में तुम्हारे लिए संघर्ष कर रही थी.

बहन जी हमारी आदर्श है और हमेशा रहेगी. हमने संघर्ष को चुना है ओर मीडिया प्रायोजित प्रोडक्ट को नकारा है.

(लेखक: संजय बौद्ध जी, ये उनके निजी विचार है)

Download Suchak App

खबरें अभी और भी हैं...

ओपिनियन: दलितों के साथ अनदेखी क्यों?

आज भी देश में अगर दलितों की स्थिति पर नजर डाली जाए तो उनकी स्थिति दयनीय बनी हुई है. मौजूदा वक्त में तो इसे...

मायावती बहनजी का बड़ा फैसला, आकाश के बाद ईशान भी गए, बहन दीपिका के लिए खोला दरवाजा

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती बहनजी ने परिवारवाद को लेकर अपने रुख को एक बार फिर स्पष्ट किया है. उन्होंने...

जेन-जी आंदोलन पर राजनीतिक दलों के प्रभाव से मायावती चिंतित, बसपा पदाधिकारियों को बड़ा निर्देश

नई दिल्ली/लखनऊ, 6 सितंबर 2026। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती बहनजी ने Gen-Z और Gen-Alpha युवाओं से जुड़े आंदोलनों को लेकर...

डॉ. राधाकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में क्यों?

यह सवाल हैरान करने वाला है कि डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में क्यों मान्यता दी गई? उनकी किस विशेषता...

मायावती का बड़ा ऐलान: अब किसी से गठबंधन नहीं, अकेले चुनाव लड़ेगी BSP; आकाश आनंद पर भी साफ संदेश

लखनऊ, 3 सितंबर 2026। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती बहनजी ने आज गुरुवार को लखनऊ में आयोजित पार्टी की अखिल भारतीय...

जंतर-मंतर के आरक्षण विरोधी प्रदर्शन पर मायावती का सवाल, राहुल गांधी की भूमिका पर भी आपत्ति

नई दिल्ली, 23 अगस्त 2026। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए जाति आधारित आरक्षण के विरोध...

मायावती ने Gen-Alpha के स्कूल आंदोलन पर जताई चिंता, कहा- बच्चों को सड़कों पर संघर्ष के लिए मजबूर होना दुर्भाग्यपूर्ण

लखनऊ, 20 अगस्त 2026। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देश में स्कूली शिक्षा की स्थिति और Gen-Alpha बच्चों से जुड़े...

2027 चुनाव की तैयारी में BSP: मायावती ने कहा- सर्वसमाज में बढ़ रहा पार्टी का जनाधार, सतीश चंद्र मिश्रा को मिली नई जिम्मेदारी

लखनऊ, 19 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने...

सच्चे बौद्ध की पहचान: आचरण, शील और सामाजिक उत्तरदायित्व

आज के युग में जब मानवता नैतिक मूल्यों के संकट से जूझ रही है, तब बुद्ध का धम्म एक प्रकाश स्तंभ की तरह मार्ग...

त्रिविध पावनी वैशाख पूर्णिमा: बौद्ध स्रोतों के आधार पर एक विवेचन

नमोऽस्तु बुद्धाय विशुद्धबोधयेविशुद्धधर्मप्रतिभासबुद्धये।सद्धर्मपुण्योपगतानुबुद्धयेभवाग्रशून्याय विशुद्धबुद्धये॥(बोधिसत्त्वसमुच्चयानाम कुलदेवता, बुद्धस्तोत्र, 1) महामानवों का चरित केवल इतिहास बनकर नहीं रहता, वह चरित सदैव कालजयी होता है। वह चरित प्रत्येक काल...

बहुजन अस्मिता: प्रतीकों से वैचारिक क्रांति तक

भारतीय समाज के सांस्कृतिक और वैचारिक धरातल पर वर्तमान में जो मंथन चल रहा है, वह केवल प्रतीकों के बदलाव का विषय नहीं है,...

ब्राह्मणवाद की टीम ‘ए’-कांग्रेस और टीम ‘बी’-भाजपा : मान्यवर श्री कांशीराम साहब का नागपुर संदेश

मान्यवर साहेब, बहुजन समाज की मुक्ति के अद्वितीय योद्धा, सामाजिक परिवर्तन के प्रखर प्रचारक और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक, जिन्होंने अपनी समूची...