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मत-विमत

कांशीराम का किस्सा #3: मेरा कोट कंधों से फटा है तो क्या हुआ? इससे अधिक तो मेरे समाज की गरीब औरतों की सलवार फटी...

बात अप्रैल की. जगह लंदन यूके वहां साहेब का ठिकाना 'अंबेडकर इंटरनेशनल मिशन’ और था. साहेब को बुद्ध विहार संस्था वालों ने एक कमरा...

किस्सा कांशीराम का 02: इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, बूटा सिंह और पिरथी सिंह ने बर्मिंघम (यूके) गुरु रविदास गुरुद्वारा से पैसा लिया पर मैंने...

किस्सा कांशीराम का 02: 1987 में जब इलस्ट्रेटेड वीकली के पत्रकार ने साहेब को सवाल किया कि आप कहते हो कि आपने कभी भी...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: बहनजी की भारी भूल

अखबार और टीवी मीडिया की ताकत का अंदाज लगाना आसान नही है और ना ही सोशल मीडिया की ताकत को आंकना आसान है. बात...

‘हिन्दू-मुस्लिम’ से आगे अब ‘धम्म’ के दोहन की तैयारी में मनुवादी

दिल्ली धम्म दीक्षा प्रकरण: बहुजन समाज का भटकाव और बसपा की राह वर्ष 2022 में दिल्ली के धम्म दीक्षा प्रकरण ने बहुजन समाज को सड़कों...

मुलायम सिंह के निधन पर बसपा नेताओं ने कुछ यूँ किया याद

आज सवेरे देश के पूर्व ग्रह मंत्री समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह का निधन हो गया. उनके निधन की खबर आग की तरह...

किस्सा कांशीराम का 01: जहाँ बाबासाहेब ने अपनी पहली साँस ली थी, मैं वहां अपनी ज़िन्दगी की आखिरी साँस लेना चाहता हूँ

किस्सा कांशीराम का 01: 13 अक्टूबर 2001 को साहेब ने अपने एक करीबी साथी फूल सिंह बरैया से यह इच्छा ज़ाहिर की थी कि...

मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न क्यों?

मान्यवर को उनके परिनिर्वाण दिवस पर आदरांजलि देने के अनेक कारण है. परंतु मेरे दृष्टिकोण में उन सब में सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है...

अनकही: जब काशी का राम दुनिया से चला गया

बात उन दिनों की है जब मैं अपनी MBA करके बड़ी कॉरपोरेट कंपनी में नौकरी करने लगा था. सब कुछ सामान्य चल रहा था...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: समाजवाद का भविष्य

यादव जी को समाजवाद समझाते हुए जो चार लाइने किसी ने लिखी तो मियाँ जी को समझ ही नही आया कि आँखे दिखाएँ या...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: भारतरत्न डॉ अम्बेड़कर और कांग्रेसी सोच

अपना देश 1947 में आजाद हुआ और लगभग 2-3 साल की कड़ी मेहनत व संसदीय बहसों के बाद 26 नवम्बर 1949 को डॉ भीमराव...

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